आवारा हवा का झोँका हूँ / Awara Hawa Ka Jhoka Hu Lyrics in Hindi – Altaf Raja

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Awara Hawa Ka Jhoka Hu Lyrics in Hindi

कभी तो शाम ढले अपने घर गए होते
किसी की आँख में रहकर सवर गए होते
ग़ज़ल ने बहते हुए फुल चुन लिए वरना
ग़मों डूब के हम लोग मर गए होते

आवारा हवा का
आवारा हवा का झोँका हूँ
आ निकला हूँ पल दो पल के लिए

आवारा हवा का झोँका हूँ
आ निकला हूँ पल दो पल के लिए
आवारा हवा का झोँका हूँ
आ निकला हूँ पल दो पल के लिए

आवारा हवा का झोँका हूँ
आवारा हवा का झोँका हूँ
आ निकला हूँ पल दो पल के लिए
आ निकला हूँ पल दो पल के लिए
आ निकला हूँ पल दो पल के लिए

दौलत, ना कोई ताज महल छोड़ जाएँगे
दौलत, ना कोई ताज महल छोड़ जाएँगे
हम अपनी यादगार ग़ज़ल छोड़ जाएँगे
तू आज जितनी चाहे हमारी हँसी उडाओं
रोता हुआ मगर तुम्हे कल छोड़ जाएँगे

आ निकला हूँ पल दो पल के लिए
आ निकला हूँ पल दो पल के लिए

ज़र्रों में रह गुजर के चमक छोड़ जाऊंगा
ज़र्रों में रह गुजर के चमक छोड़ जाऊंगा
पहचान अपनी दूर तलक छोड़ जाऊंगा
खामोशियों की मौत गवारा नहीं मुझे
शीशा हूँ टूट कर भी खनक छोड़ जाऊंगा

आ निकला हूँ पल दो पल के लिए
आ निकला हूँ पल दो पल के लिए

आवारा हवा का झोँका हूँ
आ निकला हूँ पल दो पल के लिए
आ निकला हूँ पल दो पल के लिए
तुम आज तो पत्थर
तुम आज तो पत्थर बरसा लो
कल रोओगे मुझ पागल के लिए

तुम आज तो पत्थर बरसा लो
कल रोओगे मुझ पागल के लिए
तुम आज तो पत्थर बरसा लो
कल रोओगे मुझ पागल के लिए

(संगीत)

दिल और जिगर तो कुछ भी नहीं
दिल और जिगर तो कुछ भी नहीं
एक बार इशारा तो कर दे

एक बार इशारा तो कर दे
एक बार इशारा तो कर दे

आज वो भी इश्क के मारे नज़र आने लगे
आज वो भी इश्क के मारे नज़र आने लगे
उनकी भी नींद उड़ गई तारे नज़र आने लगे
आँख वीरां, दिल परेशां, ज़ुल्फ़ बरहम, लब खामोश
आँख वीरां, दिल परेशां, ज़ुल्फ़ बरहम, लब खामोश
अब तो वो कुछ और भी प्यारे नज़र आने लगे

एक बार इशारा तो कर दे
एक बार इशारा तो कर दे

ये आईने जो तुम्हे कम पसंद करते है
ये आईने जो तुम्हे कम पसंद करते है
वो जानते है तुम्हे हम पसंद करते है

एक बार इशारा तो कर दे
एक बार इशारा तो कर दे

दिल और जिगर तो कुछ भी नहीं
एक बार इशारा तो कर दे
एक बार इशारा तो कर दे
मैं खुद को जला भी
में खुद को जला भी सकता हूँ
तेरी आँखों के काजल के लिए

में खुद को जला भी सकता हूँ
तेरी आँखों के काजल के लिए
में खुद को जला भी सकता हूँ
तेरी आँखों के काजल के लिए

(संगीत)

हम लोग है ऐसे दीवाने
हम लोग है ऐसे दीवाने
जो जिद पे कभी आ जाए तो

जो जिद पे कभी आ जाए तो
जो जिद पे कभी आ जाए तो

इश्क में जो भी मुब्तिला होगा
इश्क में जो भी मुब्तिला होगा
उसका अंदाज ही जुदा होगा
और भाव क्यूँ गिर गया है सोने का
भाव क्यूँ गिर गया है सोने का
उसने पीतल पहन लिया होगा

जो जिद पे कभी आ जाए तो
जो जिद पे कभी आ जाए तो

शहर की एक अमीरजादी को
शहर की एक अमीरजादी को
कल इन आँखों से मैने देखा था
ठीक उस वक़्त मुफलिसी ने मेरी
हँस के मेरा मिजाज पूछा था

जो जिद पे कभी आ जाए तो
जो जिद पे कभी आ जाए तो

हम लोग है ऐसे दीवाने
जो जिद पे कभी आ जाए तो
जो जिद पे कभी आ जाए तो
सेहारा से उठा कर
सेहारा से उठा कर लाएँगे
झंकार तेरी पायल के लिए

सहारा से उठा कर लाएँगे
झंकार तेरी पायल के लिए
सहारा से उठा कर लाएँगे
झंकार तेरी पायल के लिए

(संगीत)

ये खेल तमाशा लगता है
ये खेल तमाशा लगता है
तकदीर के गुलशन का शायद

तकदीर के गुलशन का शायद
तकदीर के गुलशन का शायद

फुल के साथ साथ गुलशन मे
सोचता हूँ बाबुल भी होंगे
फुल के साथ साथ गुलशन में
सोचता हूँ बाबुल भी होंगे
क्या हुआ उसने बेवफाई की
उसके अपने उसूल भी होंगे

तकदीर के गुलशन का शायद
तकदीर के गुलशन का शायद

यूँ बड़ी देर से पैमाना लिए बैठा हूँ
यूँ बड़ी देर से पैमाना लिए बैठा हूँ
कोई देखे तो ये समझे पिए बैठा हूँ
ज़िन्दगी भर के लिए रूठ के जाने वाले
ज़िन्दगी भर के लिए रूठ के जाने वाले
मैं अभी तक तेरी तस्वीर लिए बैठा हूँ

तकदीर के गुलशन का शायद
तकदीर के गुलशन का शायद

ये खेल तमाशा लगता है
तकदीर के गुलशन का शायद
तकदीर के गुलशन का शायद
काँटे है मेरे
काँटे है मेरे दामन के लिए
और फुल तेरे आँचल के लिए

काँटे है मेरे दामन के लिए
और फुल तेरे आँचल के लिए
काँटे है मेरे दामन के लिए
और फुल तेरे आँचल के लिए

आवारा हवा का झोँका हूँ
आ निकला हूं पल दो पल के लिए
आवारा हवा का झोँका हूँ
आ निकला हूं पल दो पल के लिए

तुम आज तो पत्थर बरसा लो
कल रोओगे मुझ पागल के लिए
तुम आज तो पत्थर बरसा लो
कल रोओगे मुझ पागल के लिए

कल रोओगे मुझ पागल के लिए
कल रोओगे मुझ पागल के लिए
कल रोओगे मुझ पागल के लिए
कल रोओगे मुझ पागल के लिए

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